Tension क्या है? प्रकार,कारण,लक्षण,दूर करने के उपाय..

टेंशन क्या है? (What is tension in hindi)

   किसी व्यक्ति के जीवन में अनेक समस्याएं होती है। जिससे वह चिंतित रहता है। तथा उसके मन में यह चिंताएं जैसे -पैसों की कमी ,स्वास्थ्य संबंधी ,किसी घटना को लेकर ,आर्थिक रूप से, पारिवारिक संबंधों में कमी, करियर के प्रति तथा अन्य कई छोटी-छोटी समस्याओं से चिंतित रहते हैं। 

जो कि हमारे मन में बसी रहती है ।इन चिंताओं को लेकर हम मानसिक तथा शारीरिक रूप से ग्रसित रहते हैं। इस रोग को ही तनाव(tension) कहते हैं।
टेंशन क्या है? (What is tension in hindi)

तनाव( स्ट्रेस )रखना काफी हद तक अच्छा तथा स्वाभाविक होता है क्योंकि तनाव के कारण हम कई समस्याओं को हल कर लेते हैं। और कई कार्यों को समय पर पूरा कर पाते हैं ।

जैसे -परीक्षा में पास करते हैं।, इंटरव्यू के लिए अच्छी तैयारी ,समय का सदुपयोग आदि कार्य को अंजाम दे पाते हैं।

 परंतु यह तनाव जब कई बाधाओं के कारण हमारी क्षमता से अधिक बढ़ जाता है तो हम तनाव ग्रसित हो जाते हैं। और हमारी समस्या बढ़ने लगती है वैसे भी तनाव की समस्या आज के समय बहुत उच्च स्तर पर बढ़ गई है। 

जो कि एक बड़ी बीमारी की तरह फैलती जा रही है। इस बीमारी के कारण हम एकाग्रता से तथा मगर कोई काम नहीं कर पाते हैं। 

जिससे हमारा शरीर मानसिक ही नहीं शरीर से भी ग्रसित हो जाता है। और तनाव घटित होने पर हमारा दिमाग तथा इम्यून सिस्टम भी प्रभावित होता है जो कि बहुत बुरा संकेत है। हमारे तथा हमारे जीवन के लिए।
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 तनाव के प्रकार।(Kinds of tension)

  तनाव के प्रमुख रूप से तीन प्रकार है।
1.एपीसोडिक तेज तनाव।
2.तेज तनाव।
3.दीर्घ तनाव।

1.एपीसोडिक तेज तनाव -ऐसा तनाव हमें रोज की दिनचर्या में होता है। यह तनाव अल्प समय तक रहता है। 

जैसे नौकरीबैंकिंग ,स्वास्थ्यपैसे, देर से उठना जिससे हम लेट हो जाते हैं। और समय पर काम नहीं कर पाते हैं। आदि की वजह से होता है। इससे हमें ज्यादा हानि नहीं होती और यह स्वाभाविक है। जो कि सबके साथ होता है ।

 2.तेज तनाव- इस प्रकार के तनाव के कारण हमारा ब्लड प्रेशर हाई रहता है। इसका कारण हाल ही में हुए घटनाएं तथा कुछ बड़ी समस्या, किसी चीज की चिंता अधिक होने से यह तनाव होता है। तथा उनके सोचते रहने से होता है। 

यह तनाव ज्यादा समय तक नहीं रहता क्योंकि वह समस्याएं तथा दुर्घटना हल हो जाती है ।यह ज्यादा नुकसानदायक नहीं होता है।

3.दीर्घ तनाव- दीर्घ तनाव का असर काफी लंबे समय तक रहता है। जोकि बहुत हानिकारक होता है। इसके कारण गरीबी ,आर्थिक तंगी, बेरोजगारी ,शादी,बच्चों की जिम्मेदारी ,कैरियर के प्रति ,अच्छी नींद न लेना ,आदि दीर्घ तनाव में आते हैं।

तनाव के कारण(Reasons for tension)

  तनाव ग्रसित होने के कई कारण है।जिससे हम प्रभावित होते हैं। इन कारणों का पता होना जरूरी है जिन्हें हम नकार सके। कुछ प्रमुख कारण-
घर की खराब स्थिति।
●नौकरी ना मिलना ।
●खानपान में कमी ।
●संबंधों का सही से ना होना ।
●दिमागी हालत ठीक ना होना ।
●पैसों की तंगी ।
●अपने किसी करीबी को खोने का गम।
 ●अच्छी नींद न लेना ।
●नशीली दवाइयों का सेवन ।
●करियर में ग्रोथ ना होना।
 ●बुरी आदतों को अपनाना ।
●कार्यभार तथा जिम्मेदारियों की अधिकता।
  आदि कई कारणों से हम तनाव में रहते हैं।

तनाव के लक्षण (symptoms of stress)

टेंशन क्या है?- प्रकार, कारण, लक्षण , उपाय

  तनाव अधिक बढ़ जाने पर इसके लक्षण दिखाई देते हैं। जो बहुत हानिकारक सिद्ध हो सकता है। इन्हें जानना अत्यंत आवश्यक है। जिससे इसका उपचार जल्दी करा जा सके ।यह लक्षण दिखाई देते हैं-
 ●मन उदास रहना।
●सिर में दर्द रहना।
 ●अच्छी नींद ना आना।
●थकान महसूस होना।
●पेट खराब तथा उपज बदहजमी रहना।
 ●मन एक जगह ना रहना।
 ●बात बात पर गुस्सा करना।
 ●ब्लड प्रेशlर हाई रहना। 
●भूख ना लगना अथवा भूख ज्यादा लगना।
 ●याददाश्त भूलने की समस्या ।
●अचानक मूड का बदला।
●ज्यादा पसीना आना।
 ●असुरक्षित महसूस करना।
 ●बात बात पर रोना।
●अजीब तरह का व्यवहार करना तथा खुदकुशी करने की कोशिश करना।
  इसके अलावा कई लक्षण देखने में आते हैं जिन्हें  अनदेखा नहीं करना चाहिए
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तनाव दूर करने के उपाय(Ways to relieve tension)

 तनाव मुक्त रहने के लिए उपाय जिन्हें आपको अपनाना चाहिए। 
● व्यायाम करके तनाव दूर करें -व्यायाम करना हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक है।

 व्यायाम (exercise)  करने से हमारे शरीर में एंडोर्फिन नाम का हार्मोन निकलता है जो हमारे शरीर को अच्छा महसूस कराता है। 
● विचार बांटना -कहा जाता है कि दर्द बांटने से कम होता है। और यह सत्य भी है। इसलिए हमें अपने दुख दर्द ,समस्या आदि अपने सगे संबंधी दोस्तों आदि से बांटना चाहिए 

जिससे दिल का दर्द हल्का हो सके और दिमाग भी अच्छा महसूस करें।
● योगा तथा मेडिटेशन -योगा करने से हमारा शरीर संतुलित तथा स्वस्थ रहता है और मेडिकेशन अथवा ध्यान एकत्रित करने से तनाव दूर होता है।
● ज्यादातर खुश रहें और सकारात्मक सोच रखें
● नियमित रूप से अच्छी नींद लेना चाहिए। न तो ज्यादा ना ही कम ।
● बेवजह तथा फालतू की बातों पर चर्चा तथा बहस ना करें ।
● धीमी आवाज के राहत भरे संगीत सुना करें। ज्यादा लाउडस्पीकर ना सुने।
● अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक काम ना करें।
● तनाव से ज्यादा ग्रसित होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह ले और अपना नियमित उपचार करा कर तनाव मुक्त तथा स्वास्थ्य जीवन व्यतीत करें।
 धन्यवाद.......