योगा क्या है ? प्रकार ,फायदे ,योगासन के नाम..

योगा क्या है। (what is yoga in hindi)

योगा क्या है। (what is yoga in hindi)

  योगा क्या है। यह सवाल आपके मन में अवश्य होगा चलिए जानते हैं। योगा एक विज्ञान तथा शैली है। यह विज्ञान तथा शैली बहुत ही प्राचीन काल से भारत में चली आ रही है

 ,और धीरे-धीरे पूरे दुनिया में भी फैल रही है योगा शब्द संस्कृत भाषा के धातु यूज से लिया गया है। योग का शाब्दिक अर्थ जुड़ना या मिलना है।

योग की परिभाषाएं (definition of yoga)

योग की परिभाषाएं (definition of yoga)

☆  चित वृत्तियों का निरोध करने को ही योग कहते  हैं।
☆ संसार रूपी सागर को पार करने के उपाय को ही योग कहते हैं।
☆ आत्मा का परमात्मा से मिलने को ही योग कहा जाता है।
☆ आत्मा और शिव के बिना भेद ज्ञान को योग कहते हैं।

 इन परिभाषाओ के शब्द भले ही अलग-अलग हैं परंतु योग का अर्थ सबसे एक ही मिलता है ।योग की शक्ति से मनुष्य शारीरिक रूप से ही आत्मज्ञान प्राप्त करके अपनी आत्मा में परमात्मा का स्वरूप प्राप्त कर लेता है।

जिससे वह पूर्ण स्वास्थ्य निरोगी रहता है जो कि परमात्मा का रूप है इसलिए हमें शारीरिक व मानसिक रूप से शुद्धि के लिए योगा जरूर करना चाहिए।

 योग के प्रकार

योग के प्रकार

योग के कुछ प्रकार निम्नलिखित हैं
1. अष्टांग योग -अष्टांग शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है जो कि संस्कृत भाषा से लिया गया है जैसे अष्टांग का अर्थ है आठ अंगों वाला योग पुणे कल्याण पानी के लिए शारीरिक मानसिक तथा आत्मिक शुद्धि के लिए हमें ऑटो अंगों की आवश्यकता होती है ।अष्टांग योग के आठ अंग इस प्रकार हैं-
   यम (शपथ लेना ),नियम (अनुशासन), आसन (मुद्रा ),प्रणब( स्वास नियंत्रण), प्रत्याहार (नियंत्रण इंद्रियों का), ध्यान (मेडिटेशन) ,धारण( एकाग्रता ),समाधि (बंदरों से मुक्ति)

2.भक्ति योग- यह योग हमेशा भक्ति के प्रति अग्रसर करता है और भक्ति की और हमें आगे बढ़ाता है।

3.कर्म योग- इसका अर्थ है कि वर्तमान में करें कर्म का भविष्य में परिणाम मिलना जो कि हमारे द्वारा किया जाते हैं ।इसलिए हमें वर्तमान में अच्छे कर्म करना चाहिए जिससे हमें भविष्य में मीठे फल मिल सके।

4.ज्ञान योग- इस योग में हमें ध्यान के मार्ग पर चलना होता है। जो कि बहुत ही मुश्किल होता है। इसलिए यह मुश्किल योग है ,और इसे ऋषि ,महर्षि करते हैं।

योगा करने के फायदे

☆ योग करने से हमारी उम्र लंबी होती है।
☆ योग करने से हमें नकारात्मक विचार आने खत्म होने लगते हैं, तथा सकारात्मक विचार उत्पन्न होने लगते हैं और हम अपने लक्ष्य की और फोकस रहते हैं।
☆ नियमित रूप से योगा करने से कई रोग जैसे हृदय रोगों ,अपच, जुखाम, ,स्वास्थ संबंधी रोग ,मानसिक रोग, कैंसर, टीवी ,आंखों की कमजोरी,आदि रोगो से हम बचे रहते हैं।
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योगा करने के फायदे

☆ आप शांत और निर्मल स्वभाव के हो जाते हैं।
 ☆ योग से हमारा शरीर मजबूत होता है।
☆ यह करने से हमारे शरीर की अंदरूनी क्षमता बढ़ जाती है। जिससे हम कई काम आसानी से कर लेते हैं।
☆ योग करने से जोड़ों के दर्द से भी राहत मिलती है।
☆ योग करने से हमारा ब्लड प्रेशर अच्छा रहता है।
☆ योग करने से शरीर फिट रहता है।
☆ योग करने से हमारा दिमाग तनाव मुक्त रहता है तथा शरीर भी अच्छा महसूस करता है।

  अतः इस तरह योग के लाभ आप जान गए होंगे लेकिन इसके लाभ आप को पढ़कर नहीं मिलेंगे जब तक आप  योग अपनाओ गे नहीं इसलिए योग करना है

चालू कीजिए तभी आप अपने दैनिक जीवन में सारे लाभ हासिल कर सकते हैं।

योगासन के नाम

  वैसे तो योगासन बहुत तरह के होते हैं और उनके नाम भी बहुत है। पर हम आपको कुछ योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं।

1.नमस्कार आसन -इस आसन को योग करने से पहले किया जाता है। इसमें दोनों हाथों को जोड़कर सीधा खड़े होकर प्रार्थना करते हैं।

 2.अर्ध चंद्राकार आसन- इसका अर्थ है आधे चांद की तरह इसे करने के लिए हमें अपने शरीर को आधे चांद के रूप में व्यवस्थित करना होता


योगासन के नाम
3.ताड़ासन- इस आसन में हम सीधे खड़े होकर अपने पैर की उंगलियों के बल पर खड़े होते हैं तथा अपने हाथों को मिलाकर ऊपर करते हैं। इस आसन से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। तथा शरीर की लंबाई भी बढ़ती है।

 4.कापालभाॅति- इस आसन में हम बैठकर सास तेजी से अंदर बाहर करते हैं और पेट को अंदर की ओर खींचते हैं ।इससे पेट संबंधी समस्या नहीं होती तथा पाचन तंत्र अच्छा हो जाता है।

 5.सुखासन -यह आसन बैठकर अपनी सास अंदर बाहर किया जाता है। इससे मन का तनाव दूर होता है।

6.भुजंगासन -इस आसन में हम उल्टा लेट कर अपने दोनों हाथों को कमर के पास जमीन पर रखकर अपने सिर तथा छाती को ऊपर उठा लेते हैं और इसी स्थिति में कुछ देर रहते हैं।

    इन आसन के अलावा बहुत से आसान है जिससे आप स्वस्थ तथा निरोग रहते हैं और अच्छा जीवन व्यतीत करते हैं। इसलिए आपको नियमित रूप से योग करना चाहिए

इसके लिए सूर्योदय का समय अच्छा रहता है ।योग हमेशा शांत तथा अच्छे वातावरण में करना चाहिए।

  धन्यवाद